टेस्ट क्रिकेट में 55 की औसत होने के बाद भी आगे नही बढ़ सका इस खिलाड़ी का अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर ,जाने किस टीम का है खिलाड़ी

Liberal sports desk : क्रिकेट के सफर की शुरुआत टेस्ट प्रारूप से की गई थी क्रिकेट में सबसे बेहतर प्रारूप टेस्ट क्रिकेट को कहा जाता है जो खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करता है उसे ही बहुमुखी प्रतिभा माना जाता है आज हम इस लेख में एक ऐसे खिलाड़ी की बात करने जा रहे हैं जिसने टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया बावजूद इसके उसका बेहद ही छोटा अंतराष्ट्रीय करियर रहा ।

55 की औसत के बाद भी नही मिली टीम में जगह

हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया टीम के पूर्व खिलाड़ी ब्रैड हॉज की ,ब्रैड हॉज एक बेहद ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी जिसने अपनी प्रतिभा के बल पर दिग्गजो से सजी ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह बनाई थी

ऑस्ट्रेलियाई टीम के स्वर्णिम समय में किया था टेस्ट पदार्पण

ब्रैड हॉज ने 17 नवम्बर 2005 को वेस्टइंडीज की टीम के विरुद्ध अपना टेस्ट पदार्पण किया था उनके टेस्ट पदार्पण के समय ऑस्ट्रेलियाई टीम में रिकी पोंटिंग डेमियन मार्टिन क्लार्क गिलक्रिस्ट जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद थे

आंकड़े हैं बेहतरीन

ब्रैड हॉज के क्रिकेट के आंकड़ों की बात की जाए तो ब्रैड हॉज ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 6 टेस्ट मैच खेले है जिसमे उन्होंने 55 की औसत से 503 रन बनाए है जिसमे उनके द्वारा एक दोहरा शतक के साथ दो अर्धशतक भी शामिल है

वही अगर एकदिवसीय मैचेस की बात की जाए तो उन्होंने 25 मुकाबले खेले हैं जिसमे उन्होंने 30 की औसत से 575 रन बनाए हैं जिसमे उनके बल्ले से 1 शतक व 3 अर्धशतक निकले हैं

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 223 मुकाबलों में बना चुके हैं 17000 से अधिक रन ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट के माने जाते हैं महारथी

ऑस्ट्रेलिया टीम के सबसे बदकिस्मत खिलाड़ी

ब्रैड हॉज के बारे में ये भी कहा जाता है कि वे ऑस्ट्रेलिया के सबसे बदकिस्मत खिलाड़ी है जिस खिलाड़ी के 17000,रन हो और वह केवल 6 टेस्ट मैच खेले यह उनकी प्रतिभा से न्याय नही करता ।

ऑस्ट्रेलिया के स्वर्णिम समय की भेंट चढ़ा क्रिकेट करियर

जिस वक्त ब्रैड हॉज ऑस्ट्रेलिया टीम में अपनी जगह बना रहे थे वह दौर ऑस्ट्रेलिया के डोमिनेन्स का दौर था ऑस्ट्रेलिया की टीम के पास एक से बढ़कर एक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे थे जिस कारण हॉज को उतने मौके नही मिल सके ।

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