ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ने अश्विन से मांगी माफी, खुद को ही बताया बेवकूफ, जानें पूरा मामला

कल ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच सिडनी में खेला गया तीसरा टेस्ट मैच ड्रा पर समाप्त हुआ जिससे ऑस्ट्रेलिया टीम के कप्तान काफी निराश दिखे। भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को हावी होने का मौका नहीं दिया, खास करके रविचंद्रन अश्विन और हनुमा विहारी की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों को परेशान करके रख दिया था लेकिन जब अश्विन बल्लेबाजी कर रहे थे तब विकेट के पीछे से ऑस्ट्रेलिया के कप्तान टीम पेन ने उनपर छींटाकशी करने की काफी बार कोशिश की और बाद में उन्होंने अश्विन से माफी भी मांगी और बोला की उन्होंने बेवकूफ जैसा बर्ताव किया है जो की नहीं होना चाहिए था। पेन ने कहा उनकी कप्तानी बिलकुल खराब रही और जिस तरीके से कप्तानी होनी चाहिए थी, वैसी जरा भी नहीं हुई जिसके बाद इस खिलाड़ी को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना भी करना पड़ा।

मैच के बाद टीम पेन प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं आना चाहते थे लेकिन फिर भी वह वहां पहुंचे और अपने बयान में कहा – मैंने मैच के दौरान अश्विन के साथ जो भी किया वो गलत था और इसके लिए मैंने उनसे माफी भी मांग ली है। मैंने मैच के बाद तुरंत अश्विन से बात की, मैंने उससे कहा, देखो अंत में ऐसा लगा जैसे मैं बेवकूफ हूं, क्या मैंने ऐसा नहीं किया? आप मुंह खोलते हो और फिर कैच टपका देते हो.’ पेन ने आगे कहा की उन्होंने मीडिया के सामने आने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि वह कल जो भी हुआ उसके बारे में बताना चाहते थे, पेन ने कहा – मुझे ऑस्ट्रेलिया का कप्तान बनने पर गर्व है पर जो गलतियां मुझसे हुई उसके लिए माफी मांगना चाहता हूं।

आपको बता दें की ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ने विकेट के पीछे 3 कैच छोड़े, जब पेन ने अश्विन के साथ छींटाकशी की, उसके बाद उनसे हनुमा विहारी का कैच भी नहीं लपका गया जिन्होंने सिडनी टेस्ट को ड्रा कराने में बड़ा योगदान दिया। पेन ने माना की उनपर मैच का दवाब हावी हो गया था जिसके बाद उनका मूड खराब हुआ और उनसे गलतियां भी हो गई जिसका नुक्सान टीम को भी हुआ। पेन ने आगे कहा – मेरी टीम को जो मेरे से उम्मीद थी, मैं उसपर खरा नहीं उतर सका और ना ही मुझसे अच्छा प्रदर्शन हो पाया। मेरी कप्तानी बेहद खराब रही और ऑस्ट्रेलिया टीम जिस तरीके की कप्तानी के लिए जानी जाती है, मैंने उसको गलत साबित कर दिया। मेरी कोशिश रहेगी की आगे मुझसे ऐसी गलतियां कभी ना हो।

अब 4 मैचों की टेस्ट सीरीज का अंतिम मुकाबला 15 जनवरी को ब्रिस्बेन के मैदान पर खेला जाना है और दोनों टीमों के कप्तानों की नजर उस मुकाबले को जीतकर सीरीज पर कब्जा करने पर होगी। फिलहाल सीरीज 1-1 से बराबरी पर चल रही है और दोनों ही टीमों का प्रदर्शन भी जबरदस्त देखने को मिला है। ऐसे में देखना होगा की अंतिम टेस्ट में किसका पलड़ा भारी रहता है और ट्रॉफी किसके पक्ष में जाती है। टीम इंडिया के लिए भी परेशानियां बढ़ चुकी है क्योंकि टीम के काफी खिलाड़ी चोटिल हैं और अगले टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन चुनना भी टीम के लिए बड़ी चुनौती होगी लेकिन रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंच चुकी है।

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