धोनी की कप्तानी में बदला इन 3 खिलाड़ियों का करियर, आज गेंदबाज भी खाते हैं इनके नाम से खौफ

भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 40 वां जन्मदिन मना रहे हैं। धोनी भारत के ऐसे कप्तान रहे हैं जिन्होंने अपने होते हुए टीम को बड़े मैचों में जेट दिलाई है। धोनी के कप्तान बनने के बाद टीम खिलाड़ियों का क्रिकेट करियर परइ तरह से बदल गया और यही वजह है कि धोनी के संन्यास लेने के बाद भी आज भारत के खिलाड़ी उनकी जमकर तारीफ करते हैं। मौजूदा समय में टीम इंडिया खिलाड़ी मौजूद हैं जिनका करियर आगे बढ़ने में धोनी का सबसे बड़ा हाथ रहा है। इस लेख में हम आपको तीन एअसे खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिनको धोनी की कप्तानी का सबसे बड़ा फायदा मिला और आज उनके नाम से विरोधी टीम भी खौफ खाती है।

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम है टीम इंडिया के हिटमैन रोहित शर्मा का मौजूदा समय में वर्ल्ड के सबसे खतरनाक ओपनर माने जाते हैं। जब रोहित शर्मा ने टीम इंडिया की तरफ से क्रिकेट खेलना शुरू किया था तो धोनी ही टीम के कप्तान थे। उस समय रोहित शर्मा का बैटिंग आर्डर में कोई पक्का नाम नहीं था। साल 2013 में धोनी ने चैंपियंस ट्रॉफी में रोहित को ओपेनिंग करने का मौका दिया और वहीं से रोहित का क्रिकेट करियर बदल गया। रोहित खुद मानते हैं कि उन्हें अगर आज एक खास ओपनर की पहचान मिली है तो उसके पीछे धोनी का ही हाथ है। शायद अगर धोनी रोहित को ओपनिंग पर ना आजमाते तो वह अबतक टीम के लिए ओपनिंग ना कर रहे होते।

इस सूचि में अगला नाम है मौजूदा टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का जिनको धोनी की कप्तानी में खेलने का मौका मिला था। भले ही आज विराट कोहली के कप्तानी के मामले में आंकड़े धोनी से बेहतर हैं लेकिन उन्हें शानदार बल्लेबाज और कप्तान बनाने के पीछे धोनी का सबसे बड़ा योगदान रहा है। जब धोनी जानते थे कि उनको कप्तानी छोड़ देनी चाहिए तो उन्होंने खुद विराट कोहली पर भरोसा जताया कप्तानी करने का मौका दिया। आज विराट भी भारत का सबसे सफल कप्तान माना जाता है और वह टेस्ट में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले भारतीय खिलाड़ी भी हैं। आज कोहली के सामने हर कोई गेंदबाज डरता है और इसका श्रेय धोनी को जाता है। कोहली खुद मनते है कि उन्हें धोनी के कारण ही भारत की कप्तानी मिली है।

इस लिस्ट में तीसरा नाम है टीम इंडिया के पूर्व स्टार क्रिकेटर सुरेश रैना का जो इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा तो बोल चुके हैं लेकिन उन्होंने धोनी की कप्तानी में कई बार भारत को अपने दम पर जेट दिलाई है। सुरेश रैना और धोनी की दोस्ती के बारे में सब जानते हैं लेकिन रैना ने अपने प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह पक्की की। कई बार सुरेश रैना बल्ले से फ्लॉप होते थे लेकिन धोनी ने हमेशा उनका बचाव किया और उन्हें अपनी कप्तानी में लगातार खेलने के मौके दिए जिसके बाद रैना ने भी कप्तान को निराश होने का मौका नहीं दिया और अपने बल्ले से खूब रन बनाए। एक समय रैना भारत के मिडिल ऑर्डर के सबसे खतरनाक बल्लेबाज भी थे।

आपको बता दें कि धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया के लिए बहुत कुछ किया जो शायद कोई और कप्तान नहीं कर पाएगा। क्रिकेट की दुनिया की कोई ऐसी प्लेइंग इलेवन नहीं होगी जिसमें धोनी को जगह ना दी जाए और यही कारण है कि उनके संन्यास लेने के बाद भी टीम इंडिया के क्रिकेटर उन्हें मैदान के अंदर मिस करते हैं। धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को जीत की नई राह दिखाई और फिर उस जीत को अपनी आदत बना लिया। टीम इंडिया ने धोनी के कप्तानी में 2007 टी-20 वर्ल्ड जीता, फिर 2011 में धोनी ने 28 साल बाद भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाया। यह सिलसिला यही नहीं रुका, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में भी धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को जीत दिलाई।

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